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सहा.पुलिस उपनिरीक्षक,दबंग सुरेश मोरे को मिला राष्ट्रपति पुलिस पदक सम्मान

खाकी वर्दी का गौरव हमेशा ऊँचा रहे,और सदैव कर्तव्य निष्ठ रहूँ। यही मेरे जीवन का मकसद रहा है

विनय दूबे/ठाणे / महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हस्ते, गत गुरूवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में हफ्ता निरोधक पथक, ठाणे शहर के सहायक पुलिस उप निरीक्षक सुरेश शिवराम मोरे को राष्ट्रपति पुलिस पदक से अलंकृत किया गया। सुरेश मोरे को यह पदक ईमानदारी पूर्वक उनके उत्कृष्ट सेवा, योग्यता, कर्तव्य निष्ठा,कठिन से कठिन मामलों को सुलझाने के लिए मिला है। ज्ञात हो की साल १९८९ में महाराष्ट्र पुलिस की नौकरी ज्वाइन करने वाले सुरेश मोरे ने ठाणे शहर से गैंगवार खत्म करने में सराहनीय भूमिका निभाई और अपने दमदार,सटीक ख़ुफ़िया नेटवर्क के बल पर करीब १४३ शातिर बदमाशों को सलाखों के पीछे किया।

साल २०१६ में चेकमेट कंपनी का १२ करोड़ रूपये लुटेरों ने लूट लिया था,पर महज ३६ घंटे के अंदर पूर्ण रिकवरी के साथ डकैती में शामिल १३ गुनहगारों को पकड़ने में मोरे की विशेष कामगिरी थी। अपने कार्यकाल में ८३ चैनस्नेचिंग,१५० अग्निशस्त्र,१ कारबाइन,१ ऐ के ५६ राइफल के साथ गुनहगारों को पकड़ने वाले सुरेश मोरे को ”ठाणे गौरव” पुरस्कार से भी सन्मानित किया गया है। सुरेश मोरे अपने दबंग स्वभाव के साथ समाज कार्य के लिए भी जाने जाते है,और लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते है,कबड्डी और क्रिकेट में रूचि रखने के साथ साथ अपने पैतृक गांव से विशेष लगाव रखने वाले मोरे को अब तक ५०५ से अधिक पुरस्कार और ५३ प्रशस्तीपत्रक प्राप्त हो चुके हैं।

पुलिस की वर्दी देखकर मैं रोमांचित हो जाता था

 सुरेश मोरे ने संवाददाता से कहा की बचपन से ही पुलिस की वर्दी देखकर मैं रोमांचित हो जाता था, तभी से मेरे जीवन का एक ही लक्ष्य था पुलिस फोर्स को ज्वाइन करके समाज, राज्य और देश हित के लिए कुछ करूँ, और अपने जीवन को सार्थक करूँ। मैं अपने सभी वरिष्ठ अधिकारीयों, सहयोगियों, मित्रों और मेरे परिवार को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने हर पल मेरा मार्गदर्शन किया और साथ दिया।

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