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पश्चिम बंगाल की आसनसोल से चुनाव लड़ेंगे पवन सिंह, BJP ने आखिर भोजपुरी स्टार को क्यों उतारा?

नई दिल्‍ली । देश में लोकसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज होती जा रही है और तारीखों के ऐलान से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करना शुरू कर दिया है। केंद्र में लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने कल शनिवार को 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी।

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल समेत 15 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अपने उम्मीदवार उतार दिए। इस लिस्ट में कई नाम चौंकाने वाले भी रहे। बीजेपी ने आसनसोल से भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार कहे जाने वाले पवन सिंह को टिकट दिया है।

बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में पश्चिम बंगाल से 20 लोकसभा सीटों से अपने उम्मीदवार उतार दिया। इसमें आसनसोल संसदीय सीट भी शामिल है जहां पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। बीजेपी ने भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और गायक पवन सिंह को आसनसोल से चुनावी समर में उतारा है। यह वही आसनसोल सीट है जहां पर 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी और हिंदी-बंगला सिनेमा के चर्चित गायक बाबुल सुप्रियो को लगातार दूसरी बार जीत मिली थी, लेकिन 2021 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

उपचुनाव में बीजेपी को मिली थी हार

इस्तीफे की वजह से खाली हुई आसनसोल संसदीय सीट पर 2022 में उपचुनाव कराया गया जिसमें तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी और फिल्म अभिनेता शत्रुध्न सिन्हा को जीत मिली थी। शत्रुध्न सिन्हा ने उपचुनाव में बीजेपी के अग्निमित्रा पॉल को आसान मुकाबले में 3।03 लाख मतों के अंतर से हरा दिया। इस हार के साथ ही बीजेपी ने अपनी आसनसोल सीट गंवा दी। बीजेपी ने 2014 के चुनाव में भी आसनसोल संसदीय सीट पर जीत हासिल की थी। शत्रुध्न सिन्हा पहले बीजेपी में थे, लेकिन बाद में वो टीएमसी में चले गए।

अब एक बार फिर देश में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं और बीजेपी की कोशिश आसनसोल संसदीय सीट पर कब्जा जमाने की है। माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस यहां से शत्रुध्न सिन्हा को फिर से मैदान में उतार सकती है, जबकि बीजेपी यहां पर फिर से जीत करना चाहती है। इसके लिए उसने भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह पर दांव खेला है। पश्चिम बंगाल के आसनसोल से भोजपुरी स्टार को टिकट दिए जाने के पीछे बीजेपी की खास रणनीति भी है। अगर शत्रुध्न सिन्हा यहां से उतरते हैं तो बंगाल में दो ‘बिहारी बाबू’ के बीच मुकाबला होगा।

आसनसोल से भोजपुरी स्टार को टिकट क्यों?

पश्चिम बंगाल में आसनसोल संसदीय सीट पर बीजेपी की ओर से भोजपुरी स्टार को मैदान में उतारने के पीछे की कई वजह भी है। आसनसोल संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी वोटर्स रहते हैं और इनकी संख्या करीब 50 फीसदी है। 2022 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने ‘बिहारी बाबू’ यानी शत्रुघ्न सिन्हा को मैदान में उतारकर हिंदी भाषी वोट के जरिए जीत हासिल की थी।

एक खास बात यह भी है कि पवन सिंह का बंगाल के साथ खास नाता भी रहा है। बिहार के आरा जिले में जन्मे पवन सिंह ने कम उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था। वह ‘लॉलीपॉप लागेलु’ गाने से न सिर्फ बिहार और पूर्वी यूपी में बल्कि देशभर में लोकप्रिय हो गए। वह कम उम्र में कोलकाता आ गए। वहां पर वह अपने चाचा के साथ रहे। उनके चाचा ने ही उनकी गायकी सुधारी, प्रशिक्षित किया और स्टेज पर भी लेकर आए। वह अपने चाचा को अपना गुरु मानते हैं। उनकी बंगाली भाषा पर भी काफी अच्छी पकड़ है।

हालांकि पवन सिंह बाद में आरा लौट आए और अपनी स्कूली शिक्षा बिहार में ही पूरी की। आरा के महाराजा कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। आसनसोल में बड़ी संख्या में भोजपुरी बोलने वाले लोग रहते हैं और उनके बीच पवन सिंह खासे लोकप्रिय हैं। बीजेपी इस लोकप्रियता से जरिए फिर से आसनसोल सीट पर कब्जा जमाना चाहती है।

स्थानीय गुटबाजी भी बनी बड़ी वजह

भोजपुरी स्टार को टिकट दिए जाने के पीछे एक कारण यह भी है कि आसनसोल में स्थानीय स्तर पर पार्टी गुटबाजी चल रही थी। आसनसोल के पूर्व मेयर और बीजेपी नेता जितेंद्र तिवारी जो टिकट के प्रवल दावेदार थे, उनकी अग्निमित्रा पॉल से अनबन चल रही थी। अग्निमित्रा पॉल को 2022 के उपुचनाव में करारी हार मिली थी। यहां पर दोनों के अलग-अलग गुट बने हुए थे। ऐसे में बीजेपी ने टकराव टालने के लिए बाहरी उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया और ऐसे में भोजपुरी स्टार पवन सिंह को मौका मिल गया।

भोजपुरी गायक पवन सिंह सितंबर 2017 में बीजेपी में शामिल हो गए थे। पवन सिंह ने टिकट मिलने के बाद अन्य भोजपुरी स्टार रवि किशन और निरहुआ को धन्यवाद किया। बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में पवन सिंह के अलावा रवि किशन और दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को भी टिकट दिया है।

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