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कोरोना संक्रमण के चलते यूपी के सभी शिक्षण संस्थान 23 तक बंद, रात्रि कर्फ्यू जारी

लखनऊ । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोरोना संक्रमण (corona infection) के कारण सभी शिक्षण संस्थान (Teaching institute) 23 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कोविड प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 की बैठक में रविवार को कहा कि कोविड की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सभी शिक्षण संस्थानों (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी शिक्षण संस्थान आदि) में आगामी 23 जनवरी तक भौतिक रूप से पठन-पाठन स्थगित रखा जाए। केवल ऑनलाइन मोड में पढ़ाई हो। सभी जिलों में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू (night curfew) जारी रहेगी। इसे सख्ती से लागू किया जाए।

इससे पहले, सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए छह से 15 जनवरी तक 12वीं तक के स्कूल-कॉलेजों को बंद कर पढ़ाई ऑनलाइन शुरू करने के आदेश दिए थे। इस दौरान सिर्फ कोरोना रोधी टीकाकरण के लिए 15 से 18 आयुवर्ग के छात्रों को बुलाने का आदेश था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक कोविड टीके की 22 करोड़ 89 लाख डोज लगाई जा चुकी हैं। यह देश के किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है। 30 जिलों में 95% से अधिक लोगों को टीके की पहली डोज मिल चुकी है, जबकि गौतमबुद्धनगर सहित पांच जिलों की पूरी वयस्क आबादी टीके की पहली डोज की सुरक्षा प्राप्त कर चुकी है। प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के 93.21% लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। 58.28% से अधिक लोग कोविड टीके की दोनों डोज ले चुके हैं। विगत दिवस तक 15 से 18 आयु वर्ग के लगभग 37℅ किशोरों ने टीका कवर प्राप्त कर लिया है। तीन लाख 87 हजार पात्र लोगों को प्रीकॉशन डोज भी मिल चुकी है। टीके की उपयोगिता को देखते हुए जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों का वैक्सीनेशन किया जाए। जिनकी दूसरी डोज बकाया हो, उनसे संपर्क-संवाद बनाकर उन्हें टीकाकवर दिलाएं।

उन्होंने कहा कि एग्रेसिव ट्रेसिंग, टेस्टिंग, त्वरित ट्रीटमेंट और तेज टीकाकरण की नीति से प्रदेश में कोविड की स्थिति नियंत्रण में है। एक्टिव केस की कुल संख्या वर्तमान में एक लाख तीन हजार 474 है। इनमें मात्र 1096 लोग ही अस्पताल में हैं। स्पष्ट है कि बहुत कम संख्या में लोगों को अस्पताल की जरूरत पड़ रही है। यह संक्रमण कम तीव्रता वाला है, अतः इसके लक्षण दिखने पर सामान्य मरीज होम आइसोलेशन में रहकर चिकित्सक की सलाह से अपना इलाज करा सकता है। यह संक्रमण वायरल फीवर की तरह है। अतः इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सभी एहतियात अवश्य बरते जाएं।

विगत 24 घंटों में दो लाख 57 हजार 694 कोरोना टेस्ट किये गये। इसमें 17 हजार 185 नए कोरोना पॉजिविट पाए गए। इसी अवधि में 8802 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। सावधानी और सतर्कता ही कोविड नियंत्रण का आधार है। संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। मास्क के प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश, ओलावृष्टि के कारण कुछ जिलों से जन-धन की क्षति होने की सूचना मिली है। राहत विभाग पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों से संपर्क करे। लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

आदित्यनाथ ने कहा कि निगरानी समितियां घर-घर पर दस्तक दें। संदिग्ध लोगों की पहचान करें, टेस्ट कराएं और मेडिकल किट उपलब्ध कराएं। इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णतः सक्रिय रखा जाए। होम आइसोलेशन के मरीजों से हर दिन हाल-चाल पूछा जाए। उनके स्वास्थ्य की निगरानी होती रहे। जनपदीय आईसीसीसी में चिकित्सकों का पैनल तैनात करते हुए लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन दिया जा रहा है। कुछ राशन की दुकानों पर राशन के पैकेट के साथ छेड़छाड़ करने की शिकायत मिली है। यह स्वीकार्य नहीं है। संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें। दोषी अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो।

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